Fish and death

पेरिस काले आसमान से घिर आया था, आसमान मे उड़ने वाली चिड़िया पास खड़ीं नाव के ऊपर आकार बैठ गयी। नदी अपनी छोटी छोटी लहरो से किनारों को धो रही थी।

जनवरी की एक उजली सुबह, पेरिस के घने इलाके, ला सीन, मे एक महाशय लम्बा बटनदार कोट,भूरे रंग की पेंट,और सिर पर गोल टोपी, उदास भूखा, अपनी पतलून की जेब मे हाथ डाल के घूम रहा है। तभी उसे एक कैफे पर नज़र पड़ती है, वह अब टेबल के पास बैठकर कैफे का नज़ारा देख रहा है। कैफे मे अंदर से बहार कि ओर देखने पर नदी के किनारे खड़ी नाव नज़र आ रही है, कैफे मे बैठे लोग सिगरेट के कश के साथ शराब पी रहे है,

वेटर विनम्रता से पूछता है- ''सर कुछ ऑर्डर है?''
"वह कुछ थकी गहरी सोच मे है"- "हूँ.. जी हाँ एक गिलास पानी,तभी सामने कि टेबल पीठ कर एक आदमी दिखा जिसे उसने अपने बड़े पुराने दोस्त के रूप मे पहचाना।

हेरोल्ड को हर इतवार हाथ मे मछली पकने वाली बंसी ओर कंधे पर टीन का छोटा डिब्बा लटकाकर मरंटो द्वीप पर समुन्दर किनारे बैठकर शाम ढलने तक मछलियां पकड़ा करता था।यही पर वह महाशय साइमन से मुलाकात हुई वो उन दिनों वहाँ नाव चलाया करता था। दोनों अलग अलग बैठकर बिना कुछ बोले शाम तक मछलियां पकड़ा करते थे,ओर कम शिकार होने पर हेरोल्ड अपनी मछलियां साइमन के परिवार भोजन के लिए दे दिया करता था।

किसी दिन जब समुन्दर किनारे मौसम का अंदाज ठंडी तजा हवा हरा भरा वातावरण तेज़ हवाएं ऊँचे- ऊँचे लगे नारियल के पेड़ो को हवाएँ झुकाकर निकल जाती थी, तब नीले समुन्दर की मछलियां बहार निकल कर कूदती दिखती।

तब महाशय हेरोल्ड कहा करता था- "आज कितना अच्छा मौसम है"?

दोनों दोस्त ने एक दूसरे का अभिवादन किया,  वर्तमान की बातों यादो के साथ कैफे मे शराब पीने पिलाने का सिलसिला चलता रहा है। दोनों नशे का आंनद लेते हुए बहार निकल कर नदी के पास सड़क  पर खड़े हुए।

साइमन और हेरोल्ड एक चिंतित खामोशी-" तुम्हारी पत्नी बच्चे कैसे है?" हेरोल्ड पूछता है।
साइमन - वह अब किसी और मर्द के साथ रहती है
हेरोल्ड- माफ करना दोस्त..
हेरोल्ड - क्या हम पहले कि तरह तुम्हारी नाव से मछलियां पकड़ने चल सकते है,"साइमन हाँ, मे जबाब देकर मुझे बेहद खुशी होगी।

दोनों नाव मे बैठकर शराब के नशे मे काफी दूर निकल
आये। नाव की गति बहुत कम है,हेरोल्ड पीछे बैठकर चलती नाव से आसमान मे उड़ती चिलो देख रहा है,
जो परछाई बनकर उसकी नाव के ऊपर से निकल जाती है,

क्या तुम इस बीच समुन्दर से मछली का शिकार कर सकते ही पीछे बैठा "हेरोल्ड" बोला।
यह पागलपन होगा यहाँ बहुत विशाल मछली है, हमें खतरा हो सकता है। "साइमन"तुम अब भी बहुत डरपोक हो।
"और तुम अब भी बहुत पागल ।""
क्या तुम्हारे पास कुछ खाने को होगा"।

"साइमन" सफ़ेद बैग कि तरफ इशारा कर के शायद उसमे कुछ हो ।

तभी  अचानक सामने से तेज आता तूफान उनकी नाव की ओर आ रहा है, समुन्दर बीच मे तेज हवाएं तूफान देखकर दोनों दोस्त तेज गति से नाव का चाकू चलाने लगते है। "पीछे बैठे हेरोल्ड" के हाथ से चाकू समंदर मे छूट जाता है। नाव डगमगाने लगती है, तूफान से बनी पानी की ऊँची लहरे नाव के ऊपरी सिरे से टकराने लगती है। दोनों बहुत घबराये हुए है। तूफान काफी करीब आ चुका है, वह दोनों काफी दूर चल रहे स्टीमर को ज़ोरो से आवाज़ देने लगते है, एक ज़ोरो का भयंकर तूफान नाव पर लहरो का धक्का दोनों एक दूसरे को देखते है, समन्दर मे कूद जाते है।

वो दोनों एक छोटे से द्वीप पर आ पहुचे, वे लोग झाड़ियों के रास्ते बड़ी सावधानी से हर आवाज़ को सुनते हुए चारो ओर देखते हुए धीरे धीरे आगे बढ़ रहे थे।  अचानक साइमन को ऐसा लगा, जैसे उसने किसी की चलने की आवाज़ सुनी हो।गहरा सन्नाटा उन्हें डरा रहा था। अन्ततः हेरोल्ड ने ही कुछ कहने की हिम्मत जुटाई। तुम्हे वो सामने समुन्द्र के पास नाव दिख रही है, हमे उस जगह पहुचने के लिए इन नुकिलियो झाड़ियों से होकर गुज़ारना होगा।
दोनों ने तेज़ी से दौड़ना शुरू किया। अन्ततः वे नाव के पास पहुच गये, और वहाँ किनारे की झाड़ियों के पीछे दुपकर बैठ गए। दोनों बुरी तरह हाफ रहे थे,परन्तु      चिंतामुक्त थे। वाकई मे वे दोनों वहाँ बिल्कुल अकेले थे
वो दिन भर के रोमांच मनोरंजन के लिए मछली के शिकार के लिए अच्छी जगह चुनकर बैठ गए।

साइमन ने पहली मछली पकड़ी । हेरोल्ड ने दूसरी।और  इसके बाद एक  एक कर मछली समुन्दर से निकलते और अपने पैरों के पास रखी कमीज़ पर पटकते जाते थे। उन दोनों को ज़रूरत से ज़्यादा ख़ुशी हो रही थी। कितने सालो बाद अपनी पसंदीदा गतिविधियां कर थे। वे इतने मस्त खुश हो गए कि मानो हर चीज भूल गए थे।

अचानक फिर उन्हें कुछ पीछे से गड़गड़ाहट की आवाज़ सुनाई पड़ी मारे डर के पैरों के नीचे ज़मीन खिसक गयी।

"ये क्या था तुमने कुछ सुना- साइमन ने पूछा
हेरोल्ड ने धीरे से मुड़ते हुए कहा शायद कोई जंगली जानवर होगा।
अचानक वे दोनों अपनी अपनी जगह से उठाकर खड़े हो गये और आगे चलने लगे। उन्होंने पीछे किसी के कदमो की आहट सुनी।उन्होंने पीछे मुड़कर देखा और पीछे भारी -भरकम भूरी आँखे बड़ी बड़ी
भौहे  जैसे दिखने वाले कबीलो के दल के सदस्य जो इस द्विप पर शिकार के लिए आये थे, उनकी ओर  गर्दन कि और बन्दुक किये हुए है।
डर के मारे उनके कमीज़ मे रखी मछलियां हाथ से छूट गयी।

कुछ ही मिनटों मे कबीलो के दल के जवानों ने उन दोनों को रस्सियों से बांध दिया और एक नाव मे पटकर नदी के पार एक द्विप पर ले गये। उन्हें।अपनी भूल समझ मे आ गयी। जब वे उस द्विप पर पहुचे तो कबीलो के बड़े बूढ़े औरत बच्चे काबिले दल के सदस्य सब अपने पूर्वज के जमाने  केम्प रहते आ रहे थे।

वहाँ एक बड़ा काबिले का सरदार कुर्सी पर पैर फैलाये बैठा सिगार पाइप पी रहा है। उसने अपनी भाषा मे उन दोनो से बात करने की कोशिश की-आप लोगो ने खूब ढेर सारी मछलियां पकड़ी है ना?"
तभी अचानक एक काबिले के जवान ने इन दोनों की मछलियों की टोकरी को स्वमी सरदार के पांव के पास लाकर रख दी, जिसे वो जवान बड़ी सावधानी से साथ उठाकर ले आया था। सरदार मछलियों के ढेर पर नज़र डालकर हँसा और फिर बोला-मै देख रहा हूँ की आप लोनो ने काफी मछलियां पकड़ी है, पर आइये बात को आगे बढ़ाए। बेशक आप लोगो को हम पर जासूसी नज़र रखने के लिए भेजा गया है? आप लोग ढोंग कर रहे थे कि आप मछलियां पकडे आये है । ताकि मै धोखा खा जाऊ पंरतु मै इतना भोला नहीं हूँ।
परन्तु मैंने आप लोगों को पकड़ लिया और अब आप लोगो को गोली मार दूंगा, हालांकि मुझे अफ़सोस होगा लेकिन ये यहाँ के पूर्वजो के नियम है,  क्योकि आप इस
द्विप नज़र जासूसी रखने आये तो ज़रूर आपको गुप्त शब्द कि जानकारी होगी पासवॉर्ड बता दिजिये, मै आपको आज़ाद कर दूंगा।"
दोनों दोस्त एक दूसरे के आस-पास खड़े हुए थे। डर के मारे रंग उड़ गए कांप रहे थे। परंतु उन्होंने कोई जबाब नही दिया।
"'किसी को कुछ पता भी नहीं चलेगा आप लोग सुरक्षित अपने घर पहुँच जायँगे। अगर आप ने मना किया तो फ़ौरन मौत है। फैसला कर ले।"

वे दोनों चुप शान्त खड़े रहे।
काबिले एक जवान ने नदी के तरफ इशारा करते हुए के कहा- कुछ समय मे आप नदी के तल्ली मे पहुच जायँगे फिर चाहे कोई दोस्त परिवार आपकी लौटने की प्रतीक्षा
कर रहा हो ।
इतने पर भी दोनों चुप मौन! खड़े रहे । सरदार ने अपनी भाषा मे अपने कबीलो के लोगों को कुछ आदेश दिया वो इन दोनों को गोल घेरे मे घेर कर खड़े हो गए।

मै आप को 1 मिनट का समय देता हूँ, इससे ज्यादा नही।"
उसके बाद वो सरदार हेरोल्ड को एक कोने मे ले गया
जल्दी से गुप्त संकेत बता दो अपना इरादा बदल लो
अच्छा रहेगा।
हेरोल्ड ने कोई जबाब नही दिया
फिर साइफन से भी कोने मे ले जाकर वही बात कही
परन्तु वो भी मौन रहा।


सरदार ने दूसरा आदेश दिया और उसके जवान ने दोनों कि निशाना साध लिया। इसी क्षण साइमन कि आँखे कुछ दूर घास पर रखी मछलियों की टोकरी पर जम गयी। अपनी मौत की अन्तिम घड़ियों का दृश्य देखकर
वह घबराने लगा, अपने आपको मजबूत बनाये रखने की कोशिश की, फिर उसने अपने दोस्त से मुड़ते हुए  उससे कहा- अलविदा मेरे दोस्त हेरोल्ड ।"
       अलविदा मेरे दोस्त साइमन ।"

वे आपस मे हाथ डाले कोई  मिनट वैसे की खड़े रहे।वो बुरी तरह भावुकता से कांप रहे थे,

    अंतिम आदेश दे दिया
दोनों दोस्तों को गोला घेरे, जवानों ने गोली दाग दी।
हेरोल्ड ज़मीन के बल मुँह किए रेत पर गिर गया। साइमन भी अपनी जगह से हिल कर उसके मृत शरीर पर आसमान को ताकते हुआ गिर गया। उसकी छाती से लगातार खून बह रहा था। काबिले के सरदार ने एक ओर आदेश दिया जवान फ़ौरन उस जगह से हट गए।
उन्होंने पत्थर और रसिया लेकर आ गए , दोनों को बाँध कर नदी किनारे ले गए। ओर नदी दूर फेंक दिया
लाश पानी मे डूब गयी। थोड़ी देर पानी उच्चका फिर पहले की तरह शांत हो गया। उनके खून की लकीर दिखाई दे रही थी।

सरदार वहाँ से हटा ओर केम्प कि ओर जाते हुआ कुछ बोला-अब इन मछलियों को भी सजा मिलनी चाहिए।"
उसने मछली की टोकरी उठाई ओर आवाज दी- पोरेल"
उसने टोकरी पाकड़ाते हुआ कहा-इन छोटी छोटी मछलियों को भी जिन्दा तल दो ये खाने मे स्वादिष्ट! लगेंगी।"

इतना कहते हुए फिर से अपनी कुसी पर बैठकर सिगार पाइप पीने लगा।

मोहित कुशवाह




               




















































टिप्पणियाँ